बुधवार, 8 अप्रैल 2020

लाॅकडाउन -मेडिकल स्टोर खेल रहें आपके जीवन के साथ

नई दिल्ली । लाॅकडाउन के कारण जहां लोगों को घरों पर रहने को मजबूर कर दिया है वहीं दूसरी और लाॅकडाउन के कारण लोगों को छोटी मोटी बीमारियों के लिए डाॅक्टर की जगह मेडिकल स्टोर से काम चलाना पड रहा है। आपको बता दें कि ज्यादातर सरकारी अस्पताल केवल कोरोेना वायरस के मरीजों का ईलाज कर रहें है या फिर इन अस्पतालों के डाॅक्टर कोरोना वायरस से लड रहें मरीजों का ईलाज करने के लिए संबंधित अस्पताल में गए हुए है जिसके कारण लगभग सभी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद है। अब आम बीमारियों या फिर छोटी मोटी बीमारियों के ईलाज के लिए लोगों को परेशान होना पड रहा है। सरकारी अस्पताल में ओपीडी बंद है और प्राईवेट अस्पताल अभी कार्य नहीं कर रहें है तो वहीं दूसरी और आस पास क्लीनिक खोलने वाले डाॅक्टर भी लाॅकडाउन के कारण अपने घरों में बंद है जिसके कारण खांसी, सर दर्द या फिर छोटी मोटी बीमारी के ईलाज के लिए लोगों को मेडिकल स्टोर का सहारा लेना पड रहा हैं।
medical store near me
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 क्या कहते है लोग 

लोगों का कहना है कि शरीर में किसी प्रकार की छोटी मोटी बीमारी होने पर वे मेडिकल स्टोर वालों को लक्षण बता देंते है जिसके अनुसार मेडिकल स्टोर वाला दवाई दे देता है। डाक्टरों की कमी है जिसके कारण ईलाज के लिए उचित परामर्श नहीं मिल पाता मजबूरी में उन्हें इस प्रकार का कदम उठाना पडता है। लाॅकडाउन से पहले तो किसी प्रकार की समस्यां होने पर वे या तो अस्पताल की ओपीडी में डाॅक्टर को दिखाकर दवाई ले लेते थे या फिर आस पास के किसी क्लीनिक पर दिखाकर अपनी बीमारी का उचित ईलाज करवा लेते थे लेकिन लाॅकडाउन के कारण लोगों को मेडिकल स्टोर पर मौजूद कर्मचारियों से ही काम चलाना पड रहा है।

 मेडिकल स्टोर वाले क्या कहते है 


 मेडिकल स्टोर के कर्मचारियों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि लाॅकडाउन के बाद उनके पास लक्षण बताकर दवाई लेने वाले लोग काफी संख्या में आने लगे है। लोगों की समस्यां को समझते हुए वे भी उन्हें संबंधित बीमारी की दवाई दे देते है जिसके कारण उन्हें थोडा आराम आ जाता है लेकिन डाक्टरों की कमी है जिसके कारण उन्हें भी ऐसा करना पडता है। इस कारण मेडिकल स्टोर के ग्राहक तो बढे ही है साथ ही साथ उन दवाईयों की खपत भी बढी है जिन्हें बेचने में मेडिकल स्टोर के कर्मचारी को ज्यादा फायदा होता है। लाॅकडाउन में मेडिकल स्टोर वालों की हुई चांदी लाॅकडाउन के समय दवाई से संबंधित करोबारियों या फिर मेडिकल स्टोर वालों को छूट है जिसके कारण मेडिकल से संबंधित लोग ने काफी मुनाफा कमाया है। जहां पहले तीन से पांच रूपए वाला मास्क दुकानों पर पच्चीस से तीस रूपए तक बिका वहीं दूसरी और सेनेटाइजर भी बाजार में ज्यादा मुनाफे पर बेचे गए। बाजार में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई जिसके कारण बाजार में मास्क व सेनेटाईजर प्राप्त नहीं हो सकें। इस संबंध में हमारे संवाददाता ने भी जहांगीर पुरी की विभिन्न दुकानों पर जाकर सेनेटाईजर मांगा तो सभी दवाई विक्रेताओं ने सेनेटाईजर ना होने की बात की केवल एक कंपनी का सेनेटाईजर उपलब्ध है जबकि डेटोल या फिर अन्य प्रसिद्ध कंपनियों के सेनेटाईजर या फिर किसी भी प्रकार के हाथ धोने वाले चीजों का स्टाक खत्म हो चुका है जो है भी तो काफी मुनाफे में बेचा जा रहा हैं।
corona regional medical center
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 सरकार क्या कर रहीं है 


इस संबंध में जब सरकार को पता चला कि उचित मुल्य से ज्यादा मुल्य में लोग मास्क, सेनेटाइजर, सब्जी, खाना आदि बांट रहें है । तो सरकार ने इस संबंध में चेतावनी व निर्देश जारी कर दिया कि कोई भी लाॅकडाउन के समय जरूरी चीजों को ना ही तो अधिक मुल्य पर बेचेगा और ना ही किसी प्रकार की जमाखोरी करेंगा । तो उसके खिलाफ उचित कार्यवाही की जाएगे । इस संबंध में भारत के कई दूसरे राज्यों में तो अधिकारियों ने तो निर्देशों का पालन ना करने वाले लोगों के खिलाफ तो कार्यवाही भी की है व एफआईआर व जुर्माना भी लगाया है ताकि कोई इस प्रकार कार्य ना करें जिससे लाॅकडाउन जैसे स्थिति में लोगों को किसी परेशानी का सामना ना करना पडे।





https://www.todayknow.com/2020/04/neelamrawat.html

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